causes-2
  • हर एक मानव तथा प्राणी / जीव में दिव्यता का स्वरुप देखने का प्रयास करना|
  • हर जीव जन्तु में मौजूद दिव्यता की महत्ता व उद्देश्य को पहचानने व इस सत्य पर विचार-विमर्श करने की क्षमता बढ़ाना|
  • भजगोविन्दम के श्लोकों का मानव जीवन में प्रयोग
  • जीवन में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होना एवं इस परम लक्ष्य को उपलब्ध करने हेतु कार्यप्रणाली निर्धारित करना| (भगवद्गीता के श्लोकों का प्रयोग)

समाप्ति पर :


  • ब्रह्माण्ड की एकता / दिव्यता को पहचानना एवं हमारे मातृभूमि में विद्यमान विभिन्न परम्पराओं व सांस्कृतिक विशेषताओं में एकता की पहचान;
  • अपनी इच्छाओं / आकांक्षाओं पर सीमा डालने का पूर्ण प्रयास जारी रखना
  • विचार (योजना), साँस (प्राण) व समय (परिस्थिति) के अनुशासित संचालन के ज़रिये अपना व्यक्तित्व और उज्जवल बनाने का प्रयास करना;
  • विद्यालय, घर व समाज में सटीक कर्तव्यपालन तथा मातृभूमि के प्रति निष्ठा व देशभक्ति बनाए रखना;
  • जन सेवा में योगदान देकर सामाजिक चेतना कायम रखना
  • समस्या समाधान करने की क्षमता तथा उत्तम मार्ग दर्शक बनने की निपुणता बढ़ाना; ‘जीवन एक खेल है - साहसपूर्वक खेलें! जीवन एक चुनौती है‘ - उस पर विजय पायें - का सही अर्थ समझना